गोंदिया. जिले में दूध में मिलावट करने वालों की अब खैर नहीं. अस्वच्छता व त्रुटियों के कारण सीधे आपराधिक कार्रवाई होगी. धड़क अभियान से पहले सभी दूध कारोबारियों, डेयरी और होटल संचालकों का समुपदेशन किया जाएगा. इसके बाद अगर दूध में मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएंगी, ऐसे निर्देश अपर जिलाधीश अभिजीत घोरपडे ने दिए.
गोंदिया जिले के लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराने और दूध में मिलावट को पूरी तरह से रोकने के लिए प्रशासन ने अब बहुत सख्त कदम उठाए हैं. जिला स्तरीय दूध मिलावट निवारण समिति की बैठक अपर जिलाधीश अभिजीत घोरपड़े की अध्यक्षता में जिलाधीश कार्यालय में आयोजित की गई. इस बैठक में जिले के दूध उत्पादकों, आपूर्तिकर्ताओं, डेयरी व्यवसायियों और होटल संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज करने और जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया. बाजार में नकली दूध और मिलावट के कारण ईमानदार दूध विक्रेता किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. साथ ही, ऐसे मिलावटी और अस्वास्थ्यकर दूध का गोंदिया के लोगों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर बहुत प्रतिकूल और हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है. इस बैठक में सरकारी दुग्ध योजना के डेयरी व्यवस्थापक प्रशांत बोरसे, खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग की सहायक आयुक्त (खाद्य) अमृता शिर्के, उपविभागीय पुलिस अधिकारी रोहिणी बानकर और विधिक माप विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि संजय कांबले उपस्थित थे.
पुलिस विभाग द्वारा गोपनीय सूचना का संग्रहण
जिले में अवैध दूध मिलावट के मुख्य हॉटस्पॉट का पता लगाने के लिए उपविभागीय पुलिस अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं. अब पुलिस यंत्रणा के माध्यम से दूध में मिलावट की गोपनीय जानकारी जुटाई जा रही है.
कार्रवाई से पहले एक बार समुपदेशन
अपर जिलाधीश ने निर्देश दिया कि जिले में सीधे मामला दर्ज करने से पहले सभी संबंधित पक्षों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुधरने का मौका दिया जाएगा. इसके लिए अपर जिलाधीश की अध्यक्षता में सभी दुग्ध उत्पादक आपूर्तिकर्ताओं, दुग्ध उत्पाद निर्माताओं, डेयरी मालिकों व होटल व्यवसायियों के लिए विशेष परामर्श बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में सभी को कानून के नियम समझाए जाएंगे. इस समुपदेशन बैठक के बाद संपूर्ण गोंदिया जिले में बिना किसी पूर्व संकल्प के सभी विभागों के संयुक्त समन्वय से व्यापक धाड़ निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. उस अभियान में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा.



