जिलाधिकारी ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
गोंदिया. जिले के 96 गांव संभावित बाढ़ के खतरे में हैं. मानसून का दौर शुरू हो गया है और जिलाधिकारी डा. मंगेश गोंदावले ने जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और निवासियों से बातचीत की और कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर काबू पाने के लिए तैयार है. इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे, सहायक अभियंता बाग इटियाडोह प्रियम शुभम, कनिष्ठ अभियंता रामेश्वर कुंडलवाड़े, संबंधित मंडल अधिकारी, तलाठी और जिला स्तरीय खोज और बचाव दल के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे.
जिलाधिकारी ने गोंदिया तहसील के कोरनी घाट, रजेगांव, बिरसोला, कासा, काटी, पुजारीटोला गांवों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की और प्री-मानसून तैयारियों के अनुसार इस वर्ष बनाई गई बाढ़ की स्थिति की योजना और भौगोलिक स्थिति का भी निरीक्षण किया. इस साल भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कम बारिश का अनुमान जताया है. लेकिन जिलाधीश ने स्वयं बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा कर वहां की भौगोलिक स्थिति का निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों से बाढ़ के कारणों व बाढ़ की स्थिति के दौरान प्रशासन द्वारा खोज व बचाव के लिए किए गए उपायों की जानकारी ली. जिलाधिकारी ने वैनगंगा और बाघ नदी के किनारे के गांवों और गहराई वाले क्षेत्रों में घरों में बाढ़ के पानी से हुई क्षति के साथ-साथ समय पर शासन से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए नावों और मानव संसाधन की पर्याप्त व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी ली. साथ ही इस मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में भी जाना.
नागरिकों से की अपील
जिला प्रशासन आपदा के दौरान नागरिकों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है. बाढ़ की स्थिति पर काबू पाने के लिए प्रशासन और नागरिकों को एक-दूसरे के साथ समन्वय करना चाहिए और एक साथ आना चाहिए. आज जिले में बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है. लेकिन बांधों और जलाशयों में पानी में न उतरें, साथ ही सेल्फी के प्रलोभन से बचें और पानी में नौकायन करते समय लाइफ जैकेट का प्रयोग करें और नाव में क्षमता से अधिक लोगों को न बिठाएं. जब पुल पर पानी बह रहा हो तो नागरिकों को पुल पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए. इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील जिलाधिकारी डा. मंगेश गोंदावले ने जिले के नागरिकों से की है.



