गोंदिया. हाल ही में यह साबित हुआ है कि अगर कर्तव्य की भावना और समय की गंभीरता को पहचान लिया जाए तो चलती ट्रेन में भी चमत्कार हो सकता है. नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस में एक गर्भवती मां को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी. अगले स्टेशन पर पहुंचने में काफी समय लगने के कारण गंभीर स्थिति में गोंदिया की स्वास्थ्य सेविका राजश्री भोंडे (नेवारे) ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए भारी जोखिम उठाते हुए चलती ट्रेन में सुरक्षित रूप से एक महिला का प्रसुति कराई. उसके साहस और तत्परता के कारण, माँ और नवजात शिशु दोनों सुरक्षित हैं और भोंडे की बहुत प्रशंसा हो रही है.
कठिन परिस्थितियों में दिखाया साहस
चलती ट्रेन में प्रसव के लिए पर्याप्त चिकित्सा उपकरणों की कमी के बावजूद, सिस्टर भोंडे ने समय के महत्व को पहचाना. अपने लंबे अनुभव से उन्होंने चलती ट्रेन में बिना किसी चिकित्सीय जटिलता के महिला की ‘सफल डिलीवरी’ कराई. वे एक प्यारे से बच्चे को सुरक्षित दुनिया में ले आए और अगली बड़ी आपदा को टाल दिया.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सराहना
स्वास्थ्य सेविका राजश्री भोंडे ने समाज के सामने जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की है. उनके उल्लेखनीय व प्रेरणादायक कार्य के लिए गोंदिया जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार, सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरविंदकुमार वाघमारे और माता व शिशु देखभाल अधिकारी डा. रोशन राऊत ने उनकी विशेष सराहना की है और उनके स्वस्थ होने की कामना की है. संकट के समय में भोंडे संपूर्ण स्वास्थ्य कार्यबल के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत रही हैं. उनकी बहादुरी की हर स्तर से सराहना हो रही है.



