फिर बढ़ी आरटीई प्रवेश की तारीख

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75 प्रतिशत प्रवेश
गोंदिया : शिक्षा विभाग आरटीई प्रवेश की समय सीमा लगातार बढ़ा रहा है. वहीं इसे और बढ़ाकर 22 मई तक की डेडलाइन दी गई है. लेकिन यह विस्तार अंतिम है. जिसके बाद लॉटरी से चयनित प्रतीक्षा सूची के बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जिन बच्चों का प्रवेश पक्का नहीं हुआ है उनके अभिभावकों को ध्यान देना आवश्यक है और 22 मई तक प्रवेश सुनिश्चित करना है.
कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार लागू किया है. इसके तहत निजी गैरसहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें वंचित और कमजोर वर्ग के लड़के और लड़कियों के लिए आरक्षित हैं. इस वर्ष जिले के 131 विद्यालयों में आरटीई के तहत 864 सीटें आरक्षित हैं. जिसके लिए 7 अप्रैल को हुए ड्रा में 863 विद्यार्थियों का चयन किया गया है. इसके तुरंत बाद अभिभावकों ने दस्तावेजों का सत्यापन किया. 25 अप्रैल तक एडमिशन कंफर्म होना था. लेकिन उस अवधि में अधिकांश बच्चों के प्रवेश की पुष्टि नहीं हुई थी. परिणामस्वरूप यह समय सीमा बढ़ा दी गई और ऐसा करके 15 मई तक की समय सीमा दी गई. लेकिन 15 मई तक जिले के करीब 75 प्रतिशत बच्चों की ही पुष्टि हुई है. ऐसे में तारीख समय सीमा 22 मई तक बढ़ा दी गई है. लेकिन यह विस्तार अंतिम है और इसके बाद लॉटरी से चयनित बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शिक्षा संचालकों से शुरू की जाएगी.

राज्य में जिला लगातार प्रथम स्थान पर
आरटीई प्रवेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोंदिया जिला राज्य में पहले स्थान पर है. 9 मई की रिपोर्ट के अनुसार, गोंदिया जिले में सबसे अधिक 609 दाखिले हुए और इसका प्रश. 70.49 रहा. उसके बाद 10 मई को आई रिपोर्ट के अनुसार इसमें बढ़ोतरी हुई और 626 आवेदनों की पुष्टि हुई और प्रश. 72.45 रहा. अब इसमें और इजाफा हुआ है, करीब 75 प्रश. दाखिले पक्के हो गए हैं और पता चला है कि जिला लगातार पहले स्थान पर है.

प्रतीक्षा सूची के बच्चों की लगेगी लॉटरी
जिले में 864 सीटें हैं. जिनके लिए 3959 आवेदन प्राप्त हुए हैं. लॉटरी में 863 बच्चों का चयन किया गया है और उन्हें एक एसएमएस भेजा गया है. लेकिन उसके बाद भी 10 मई तक के आंकड़ों के अनुसार जिले में 626 बच्चों के आवेदन की पुष्टि हुई है. लेकिन पूर्ण प्रवेश की पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए शिक्षा विभाग की ओर से अंतिम समय सीमा 22 मई दी गई है. लेकिन इसके बाद वेटिंग लिस्ट के बच्चों को मौका दिया जाएगा, ऐसे में कहा जा सकता है कि उनकी लॉटरी लग जाएगी.

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