गोंदिया. सरकार ने 2 हेक्टेयर तक धान उत्पादन वाले किसानों को 20 हजार रु. प्रति हेक्टेयर बोनस देने की घोषणा की थी. दो महीने पहले सालेकसा तहसील में 13 धान खरीदी संस्थाओं ने इस बोनस का फायदा उठाने के लिए फर्जी किसानों के नाम पर बोनस लिया था. सरकार से इसकी शिकायत की गई थी. इस पर ध्यान देते हुए सरकार ने जिलाधीश कार्यालय को पत्र भेजकर इन संस्थाओं की जांच करने और मामले दर्ज करने का आदेश दिया था. जिसके तहत सालेकसा तहसील के तीन सहकारी संस्थाओं ने 1 करोड़ 13 लाख 86 हजार रु. का घोटाला करने का मामला सामने आया है. इस मामले में 24 दिसंबर को सालेकसा के निरीक्षण अधिकारी सतिश मदन डोंगरे की शिकायत पर तीन संस्थाओं के कुल 28 लोगों के खिलाफ सालेकसा थाने में मामला दर्ज किया गया है.
सरकार द्वारा धान उत्पादन करने वाले किसानों को बोनस देने की घोषणा के बाद, इसका फायदा लेने वाले किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना जरूरी कर दिया गया था. बोनस का फायदा दो हेक्टेयर तक मिलना था. पंजीकरण की प्रक्रिया सरकारी धान खरीदी करने वाले केंद्रों के जरिए किया गया. पंजीकरण के लिए सातबाराह के साथ दूसरे कागजाद लगाना जरूरी था. लेकिन, सालेकसा तहसील में 3 धान खरीदी संस्थाओं ने कुछ किसानों के नाम पर फर्जी 7/12 जोड़कर कुल 1 करोड़ 13 लाख 86 हजार रु. का बोनस ले लिया. जिसमें मानव शेतकरी बहुउद्देशीय कृषि सहकारी संस्था रामाटोला पांढरी ने 63 लाख 75 हजार 200 रु., सालेकसा सहकारी भात गिरणी संस्था सालेकसा केंद्र कोटजंभोरा संस्था ने 30 लाख 55 हजार 600 रु. व कावेरी शेती साधन सामुग्री सहकारी संस्था ब्राम्हणी केंद्र गिरोला ने 19 लाख 55 हजार 200 रु. ऐसा कुल 1 करोड़ 13 लाख 86 हजार रु. का घोटाला किया है. इस मामले में निरीक्षण अधिकारी सतिश मदन डोंगरे (51) की शिकायत पर सालेकसा पुलिस ने कुल 28 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच पुलिस निरीक्षक बुराडे कर रहे हैं.
फिर तीन धान खरीदी संस्थाओं का 1.13 करोड़ का घोटाला हुआ उजागर, सालेकसा थाने में 28 लोगों पर मामला दर्ज
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