Wednesday, February 18, 2026
Google search engine
HomeUncategorizedश्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से लोक-परलोक दोनों का उद्घार : विशाल...

श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से लोक-परलोक दोनों का उद्घार : विशाल गोपालदास अग्रवाल

ग्राम बघोली में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रतिनिधी विशाल अग्रवाल ने लिया व्यासपीठ का आशीर्वाद
गोंदिया. गोंदिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बघोली में भगवान जगतगुरु शंकराचार्य स्वरुपानंद महाराज के कृपापत्र शिष्य आचार्य पं. श्री टिकेशकृष्ण पाण्डेय (श्री धामवृंदावन) की ओजस्वी मधुरवाणी में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रतिनिधी स्वरुप विशाल अग्रवाल ने पहुँचकर, टिकेशकृष्ण महाराज एवंम व्यासपीठ का आशिर्वाद प्राप्त किया, वहीं श्रीमद् भागवत कथा का पुजन एवंम दिप प्रज्ज्वलन कर अंतिम दिवसीय सत्र का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उपस्थितों को संबोधित करते हुए विशाल अग्रवाल ने कहा की यह बहुत हर्ष की बात है कि, ग्राम बघोली के समस्त ग्रामीणों ने ग्राम में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन कर न सिर्फ बघोली बल्की आस-पास के अनेकों ग्रामीण नागरीकों को इस पुण्यकर्म में सम्मिलित होने का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया। भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मानव का लोक और परलोक दोनों सुधर जाता है। श्रीकृष्ण के रुप, स्वरुप और चरित्र को आत्मासात करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वर्तमान के कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के श्रवण मात्र से ही मानव सभी दोष-पाप मुक्त और सतकर्म की ओर अग्रसर होता है। कथा का श्रवण कर, भारतीय संस्कृती के अनेक दिव्य चमत्कारों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करें और अपने जीवन को आंलोकित करें। ऐसे उद्‌गार पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रतिनिधी ने विशाल अग्रवाल ने बघोली में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के अवसर पर व्यक्त किए।
भव्य संगीमतय श्रीमद् भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ कथारस में आचार्य पं. श्री टिकेशकृष्ण पाण्डेय की ओजस्वी वाणी में शुकदेव जन्म, परिक्षीत जन्म, सति चरित्र, ध्रुव चरत्रि, प्रल्हाद चरित्र, नरसिंह कथा, वामन अवतार, श्रीराम कथा, कृष्ण जन्मोत्सव, पूतना वध, माखनलीला, गोवर्धन पुजन, महारासलीला, उध्दव प्रसंग, कंस वध, द्वारका स्थापना, रुकमणी विवाह, सुदामा चरित्र, यादव वंशलीला, सुदामा भेट, परीक्षित मोक्ष, गीतासार का सजीव चित्रण प्रकाशित भी किया गया। पूर्णाहूति हवन एवं प्रसाद के साथ कथा का समापन किया गया। इन सभी सचिव चित्रण का ग्रामवासी व आसपास के श्रध्दालुओं ने बड़ी संख्या में लाभ लिया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments