गोंदिया. सड़क अर्जुनी तहसील के मिलटोली/कोसमतोंडी में शराबी बाप-बेटे में विवाद हो गया. इस दौरान पिता ने अपने बेटे को मौत के घाट उतार दिया. इस मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. यह फैसला शनिवार को न्यायाधीश आर.एन. जोशी ने सुनवाया. आरोपी का नाम चरणदास केशव नेवारे बताया गया है.
जानकारी के अनुसार, सड़क अर्जुनी तहसील के चरणदास केशव नेवारे और उसका लड़का राजकुमार चरणदास नेवारे का परिवार एक साथ रहता था. दोनों को शराब पीने की आदत थी. इस वजह से दोनों के बीच घरेलू कारणों से हमेशा विवाद होते रहते थे. 13 जनवरी 2020 को रात करीब 8 बजे गांव में दोनों के बीच विवाद हुआ. इस दौरान गांव वालों ने दोनों में सुलह कराकर घर भेज दिया. घर जाने के बाद दोनों में फिर से विवाद हो गया. इस बीच, आरोपी चरणदास नेवारे ने अपने बेटे राजकुमार नेवारे की कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी. फिर्यादी हिवराज कालसर्पे की शिकायत पर डुग्गीपार पुलिस में मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. मामले की जांच तत्कालीन पुलिस निरीक्षक एम. बी. जाधव ने की. साथ ही, आरोपी के खिलाफ जिला न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया गया. इस मामले में, न्यायालय ने दस गवाहों की जांच की. साथ ही, आरोपी के वकील और सरकारी वकील महेश चांदवानी, कृष्ण डी. पारधी के बीच बहस हुई. इस मामले में सबूत और गवाही पर विचार करते हुए, न्यायाधीश आर. एन. जोशी ने आरोपी को दोषी पाया. आरोपी को धारा 304 के तहत 10 साल का सश्रम कारावास और 1 हजार रु. के जुर्माने की सजा सुनाई गई, जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई. न्यायालयीन कामकाज पुलिस निरीक्षक गणेश वनारे के मार्गदर्शन में हवलदार सुनील मेश्राम ने देखा.
हत्या मामले में आरोपी पिता को 10 वर्ष का कारावास
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