गोंदिया. वनपरिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय सड़क अर्जुनी तथा सहवनक्षेत्र कार्यालय कोसमतोंडी अंतर्गत शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ डुग्गीपार पुलिस ने अदखलपात्र अपराध दर्ज किया है.
वनपरिक्षेत्र अधिकारी मिथुन तरोने अपने कर्मचारियों के साथ 4 मार्च की शाम 5.30 बजे कोसमतोंडी सहवनक्षेत्र में गश्त पर थे. इस दौरान सरकारी वाहन क्र. एमएच 35 -के 4707 के चालक समीर बंसोड के साथ गोंगले बीट के कंपार्टमेंट नंबर 1335 के झाड़ीदार जंगल क्षेत्र में पेट्रोलिंग की जा रही थी. तभी रेंगेपार नाले के पास एक बगैर नंबर प्लेट का ट्रैक्टर दिखाई दिया. लाल रंग के उस ट्रैक्टर पर चालक पवन कापगते (25) और विजय भिकारु टेंभुरकर (50) बैठे थे, जबकि पंकज विजय टेंभुरकर (26) भी उनके साथ मौजूद था. ट्रैक्टर में अवैध रूप से रेत भरी हुई थी. वन कर्मचारियों को देखते ही आरोपियों ने रेत खाली कर दी और वहां से भागने की कोशिश की. वन कर्मचारियों ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ट्रैक्टर को जबरन खेतों की ओर ले गया. वन कर्मचारियों ने उसका पीछा किया, जिसके बाद ट्रैक्टर मालीजुंगा गांव में विजय टेंभुरकर के घर के पास जाकर रोका गया. वहां वन अधिकारियों ने ट्रैक्टर को वन विभाग कार्यालय लाने के लिए कहा, लेकिन आरोपियों ने बात मानने से इंकार कर दिया.
इस दौरान विजय टेंभुरकर और उसकी पत्नी सैला टेंभुरकर ने हंगामा करते हुए वन कर्मचारियों को गालीगलौच किया. आरोप है कि उन्होंने सरकारी वाहन के सामने आकर वनपरिक्षेत्र अधिकारी मिथुन तरोने की शर्ट का कॉलर पकड़कर धक्कामुक्की की और मारपीट करने का प्रयास किया. साथ ही मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की. इस घटना के समय वनक्षेत्र सहायक फूलचंद शेंडे, वनरक्षक आनंद गवाले, वन मजदूर चुडामन पुस्तोडे और शामकुवर गौरी भी मौके पर मौजूद थे. शासकीय कार्य में बाधा डालने के कारण आरोपियों के खिलाफ डुग्गीपार पुलिस ने अदखलपात्र अपराध दर्ज किया है.
अवैध रेत तस्करी, वनपरिक्षेत्र अधिकारी से धक्कामुक्की
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