गोंदिया. गोंदिया जिले में हाल ही में कुल 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और उन्हें गोंदिया के पुलिस मुख्यालय कारंजा में पुलिस कॉलोनी में रखा गया है. आत्मसमर्पित सदस्यों में से पांडु पुसु वड्डे उर्फ गोलू और सैवंती रायसिंग पंधरे उर्फसंगीता एक साथ शाश्वत जीवन के बंधन में बंध गए. पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने उनके विवाह समारोह को मंजूरी दी और पुलिस मुख्यालय में उनकी शादी कराई.
कांकेर (छत्तीसगढ़) जिले के तिरलागढ़, पखांजूर निवासी पांडू पुसू वड्डे (37) माओवादी संगठन में गोलू नाम से जाना जाता था. वह दर्रेकसा क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) संगठन में डिविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) के पद पर कार्यरत था. साथ ही बालाघाट (मध्यप्रदेश) जिले के राशिमेटा, बैहर निवासी सैवंती रायसिंग पंधरे (36) माओवादी संगठन में संगीता नाम से जानी जाती थी. वह दर्रेकसा क्षेत्र कमिटी में क्षेत्र कमेटी सदस्य (एसीएम) के रुप में कार्यरत थी. कई वर्षों तक हिंसा, संघर्ष और अनिश्चितता के माहौल में रहने के बाद, दोनों ने 28 नवंबर 2025 को गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में लौटने का साहसी निर्णय लिया. उनके इस निर्णय के पीछे समाज में सम्मान के साथ जीने, अपने परिवार का पालन-पोषण करने और एक शांतिपूर्ण भविष्य बनाने की इच्छा थी. यह विवाह सिर्फ दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है बल्कि हिंसा पर शांति, भय पर विश्वास और निराशा पर आशा की विजय है. विवाह समारोह में परिवार, रिश्तेदार, स्थानीय नागरिक और पुलिस अधिकारी/अंमलदार शामिल हुए.
पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के संकल्पना व प्रभारी पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे के मार्गदर्शन में परिवर्तन और नई जीवन यात्रा का प्रतीक एक हृदयस्पर्शी और प्रेरक विवाह समारोह आयोजित किया गया. सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति की सफलता के जीवंत उदाहरण के रूप में दो सी.पी.आई. (माओवादी) नक्सली सदस्यों ने शादी कर ली और एक नया शांतिपूर्ण, सम्मानजनक जीवन शुरू किया. यह संबंध सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पुलिस विभाग व जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों का परिणाम है. यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि अगर समाज द्वारा सही अवसर, मार्गदर्शन और स्वीकृति दी जाए तो हिंसक विचारधाराओं से प्रभावित लोग भी शांति का मार्ग अपना सकते हैं और समाज के जिम्मेदार सदस्य बन सकते हैं. विवाह समारोह पुलिस मुख्यालय कारंजा, गोंदिया के प्रेरणा सभागृह में शांतिपूर्ण माहौल और बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. प्रभारी पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, पुलिस निरीक्षक नक्सल सेल प्रमोद भातनाते, रिजर्व पुलिस निरीक्षक राजेश सरोदे, पुलिस उपनिरीक्षक नक्सल सेल श्रीकांत हट्टीमारे, नक्सल ऑपरेशन सेल देवरी मल्लिकार्जुन वासुदेव, साथ ही नक्सल सेल गोंदिया, इंटर सेल देवरी, सी-60 स्क्वाड और पुलिस मुख्यालय गोंदिया के पुलिस स्टाफ ने आवश्यक समन्वय और सहयोग प्रदान किया.
आत्मसमर्पित माओवादी सदस्य विवाह बंधन में बंधे, गोलू और संगीत ने शुरू की एक नई जिंदगी
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