गर्मी के कारण 2 घंटे यातायात सिग्नल रहेंगे बंद

0
222

गोंदिया : दिनोंदिन बढ़ती गर्मी तथा चिलचिलाती धूप की वजह से वाहन चालकों के बेहाल हो रहे हैं. इसे ध्यान में रखकर जयस्तंभ चौक के सिग्नल को दोपहर 2 से 4 बजे तक बंद रखने की बात सोशल मीडिया में की गई थी.
जिस पर वाहन चालकों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुस यातायात पुलिस निरीक्षक जयेश भांडारकर ने नागरिकों की मांग के चलते जयस्तंभ चौक के सिग्नल 2 घंटे बंद रखने की अधिकारिक घोषणा की है.
यातायात विभाग के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था की गई है. चौराहों पर पेड़, पौधे तथा शेड नहीं होने से चालकों को धूप से परेशान होना पड़ता है. शहर के जयस्तंभ चौक के सिग्नल दोपहर में 2 से 4 बजे तक बंद रखे जाएंगे.
उल्लेखनीय है कि जिले के मार्गों पर दिनोंदिन वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है. आवागमन के दौरान हो रही दुर्घटनाओं के मद्देनजर यातायात विभाग द्वारा शहर के मुख्य मार्गों के चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था की गई है. इतना ही नहीं तो यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए विभाग द्वारा चौराहों पर कर्मियों को तैनात किया गया  है. मार्गों पर दौड़ने वाले वाहन तथा लापरवाह चालकों पर नियंत्रण रखने से चौराहों पर निरंतर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आई है. सुरक्षा की दृष्टि से विभाग द्वारा किए गए प्रयास काफी हद तक सफल साबित हुए, लेकिन गर्मी का मौसम आने से विभाग के कर्मियों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है. उसी तरह चौराहों पर लगाए गए यातायात सिग्नल से वाहन चालकों को परेशान होना पड़ रहा है. चौराहों पर तैनात कर्मियों तथा वाहन चालकों के स्वास्थ्य का बखूबी ख्याल रखा जा रहा है. सिग्नल व्यवस्था के चलते चौराहों पर चिलचिलाती धूप से बचने के लिए छांव से संबंधी पर्यायी व्यवस्था नहीं की गई है. चौराहों पर शुरू सिग्नल टाइमिंग की वजह से चालकों को ग्रीन सिग्नल होने तक इंतजार करना पड़ता है. इस दौरान चालकों को अनेक परेशानी उठानी पड़ती है. इसी के तहत यातायात विभाग द्वारा सिग्नल टाइमिंग में परिवर्तन किया गया. जिससे वाहन चालकों ने यातायात विभाग की सराहना की.
यातायात विभाग, गोंदिया के पुलिस निरीक्षक भांडारकर ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था की गई है. तपती धूप से परेशान चालकों का बचाव किया जा रहा है. चौराहों के सिग्नल दोपहर 2 से 4 बजे तक बंद रखे जाएंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here