नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुलिस का स्वयं सहायता समूह

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गोंदिया : गोंदिया जिले को नक्सल प्रभावित जिले के रूप में जाना जाता है. केशोरी थाने के तहत तिरखुरी गांव गड़चिरोली-गोंदिया जिले की सीमा पर स्थित एक नक्सल संवेदनशील गांव है. इस दूरस्थ वन गांव तक कोई भी सरकारी योजना नहीं पहुंची है. केशोरी के थानेदार सोमनाथ कदम और अमलदार समय-समय पर तिरखुरी में आते हैं और गांव की महिलाओं व लोगों से बातचीत करते हैं. वहीं उन्हें विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हैं. 10 जून को “पुलिस दादालोरा खिड़की” योजना के तहत केशोरी थाना ने तिरखुरी गांव की महिलाओं को संगठित कर स्वयं सहायता समूह का महत्व समझाते हुए 14 महिलाओं की “जय गोंडवाना महिला स्वयं सहायता समूह” का गठन किया. इसके लिए पुष्पा कराडे, वनीता राजेंद्र मड़ावी, संचिता अरुण उईके ने विशेष प्रयास किया. सभी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से होने वाले लाभ व सरकार के विभिन्न लाभों के बारे में भी बताया गया. तिरखुरी गांव की महिलाओं ने भी केशोरी थाना द्वारा दिए गए बहुमूल्य मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. उक्त कार्य पुलिस अधीक्षक निखील पिंगले, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक बनकर, उपविभागीय पुलिस अधिकारी संकेत देवडेकर के मार्गदर्शन में केशोरी के थानेदार सोमनाथ कदम, हवलदार पुनम हरिणखेडे, महिला सिपाही निशा बोंदरे ने किया.

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