प्रकृति पर्यटन के साथ अब पढ़ने की संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा; पुस्तक दालन का भी शुभारंभ
गोंदिया. प्रकृति पर्यटन के लिए प्रसिद्ध गोंदिया जिले के नवेगांव बांध गांव ने अपनी पहचान में एक और मान का तुरा जोड़ लिया है। अब नवेगांव बांध की पहचान ‘पुस्तकों के गांव’ के रूप में भी होगी। यहां ‘पुस्तकों के गांव’ का लोकार्पण एवं पुस्तक दालन के शुभारंभ समारोह का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कृषि उपज बाजार समिति, नवेगांव बांध में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग एवं मराठी भाषा मंत्री डॉ. उदय सावंत के हाथों ‘पुस्तकों के गांव’ का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर अर्जुनी मोरगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजकुमार बडोले तथा जिलाधिकारी मंदार पत्की सहित अन्य प्रमुख अतिथि उपस्थित थे।
10 पुस्तक दालन होंगे तैयार
गांव में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वाचन दालन का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा गांव में 9 और वाचन दालन तैयार किए जा रहे हैं। इस अभिनव पहल के माध्यम से विद्यार्थियों, नागरिकों के साथ-साथ नवेगांव बांध आने वाले पर्यटकों को भी पुस्तकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नागपुर संभाग में पहला गांव
राज्य के चयनित गांवों में से तीन गांवों को ‘पुस्तकों का गांव’ उपक्रम के लिए चुना गया है। इनमें नागपुर संभाग में इस उपक्रम का पहला गांव बनने का गौरव गोंदिया जिले के नवेगांव बांध को मिला है। प्रकृति के सान्निध्य में बसे इस गांव में अब पर्यटन के साथ पुस्तकों और ज्ञान की भी संगत देखने को मिलेगी। नवेगांव बांध में शुरू हुआ यह उपक्रम विद्यार्थियों और नागरिकों में वाचन की आदत विकसित करने के साथ ही गांव में ज्ञान एवं साहित्य की नई संस्कृति को जन्म देने वाला साबित होगा।



