गोंदिया. मराठा समाज को ओबीसी वर्ग से आरक्षण दिए जाने के संभावित निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए, जिले के समस्त ओबीसी समाज ने रविवार, 21 सितंबर को कुड़वा नाका से जयस्तंभ चौक तक महाआक्रोश मोर्चा निकाला. इस मोर्चे में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए.
जय ओबीसी, जय-जय ओबीसी, नया युग – सभी ओबीसी, आरक्षण हमारा अधिकार है – किसी के बाप का नहीं, जातिवार जनगणना होनी चाहिए – होनी ही चाहिए, एक नहीं अनेक नारों के साथ समस्त ओबीसी समाज कुड़वा नाका क्षेत्र से निकले. कुछ वक्ताओं के भाषण के बाद, आरक्षण सहित अपनी न्याय संबंधी मांगों को लेकर एकत्रित ओबीसी समाज, महिलाएं और भाई-बहन जोरदार नारे लगाते हुए दोपहर 12.30 बजे के बाद जयस्तंभ चौक की ओर चल पड़े. अपने अधिकारों के लिए चिलचिलाती धूप में आंदोलन करने से बुजुर्ग नागरिक भी पीछे नहीं हटे. समुदाय के सदस्यों ने मांग की कि महाराष्ट्र सरकार 2 सितंबर को जारी उस परिपत्र को रद्द करे जिसका उद्देश्य मराठा समुदाय को ओबीसी से आरक्षण का अवसर प्रदान करना था. जातिवार जनगणना की मांग को लेकर समुदाय के सदस्यों में भी कड़ा विरोध था. यदि सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करने के संबंध में कोई भी निर्णय लेती है, तो इसका सीधा प्रभाव ओबीसी समुदाय पर पड़ेगा. इसलिए, हम किसी भी परिस्थिति में असंवैधानिक तरीके से ओबीसी वर्ग में मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करने के खिलाफ हैं और सरकार उक्त निर्णय को वापस ले, ऐसी चेतावनी समस्त ओबीसी समुदाय ने मोर्चे के माध्यम से सरकार को दी.
मराठा आरक्षण के खिलाफ ओबीसी का महाआक्रोश मोर्चा, हजारों महिला-पुरुष शामिल
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