महागणेशोत्सव कार्यक्रम उत्साहपूर्वक मनाया
गोंदिया. लोककला महाराष्ट्र की संस्कृति है. इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने का एक मंच मिलता है. महागणेशोत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की एक सराहनीय पहल है, ऐसा प्रतिपादन जिलाधीश प्रजित नायर ने सांस्कृतिक कार्य विभाग, सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई और जिलाधीश कार्यालय गोंदिया द्वारा संयुक्त रूप से जलाराम लॉन में आयोजित महाराष्ट्र राज्य उत्सव महागणेशोत्सव कार्यक्रम में किया. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, निवासी उपजिलाधीश भैयासाहेब बेहेरे, उपजिलाधीश (सामान्य) मानसी पाटिल, तहसीलदार शमशेर पठान, अपर तहसीलदार श्रीकांत कांबले उपस्थित थे.
जिलाधीश नायर ने आगे कहा, महाराष्ट्र एक विकसित राज्य है. राज्य की अपनी संस्कृति है. महाराष्ट्र में, राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाया जाता है. भक्ति और आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक पहलुओं को समेटे इस उत्सव को सरकार द्वारा राजकीय उत्सव घोषित किया गया है. गणेशोत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान है. गणेशोत्सव हमारी संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन के लिए मनाया जाता है. इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच मिलता है. पुलिस अधीक्षक भामरे ने कहा, गणेशोत्सव मनाना महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत है. लोगों की धार्मिक भावनाओं के अनुरूप महाराष्ट्र के सांस्कृतिक इतिहास को लोगों तक पहुंचाना सरकार की नीति है. इस गणेशोत्सव के माध्यम से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के लिए, कलाकारों को इस माध्यम से हमारी संस्कृति के संरक्षण के लिए एक मंच प्रदान किया जाता है. इस अवसर पर, समाज का प्रत्येक व्यक्ति गणेशोत्सव में भाग लेता है. उन्होंने कहा कि नागरिकों को गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करना चाहिए और महा गणेशोत्सव उत्सव को शांति और आनंद के साथ मनाना चाहिए.
कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई. इस अवसर पर सत्य साई सेवा मंडल गोंदिया द्वारा वीण विनाशक गणनाथा… गजाननारे गणनाथा, जगदेश्वरी दया करो मां… शिवशंकरी कृपा करो मां, मजोरे मेबुवा साई राजगोपाला, जय गणराया… श्री गणराया मंगलमूर्ति मोरया भजन प्रस्तुत किए गए. इसके बाद नरखेड़ा डांस ग्रुप के कलाकारों द्वारा गणेश वंदना प्रस्तुत की गई. बाद में स्वच्छता समृद्धि गीत पर गणेश स्मरण प्रस्तुत किया गया. असर फाउंडेशन के कलाकारों द्वारा वासुदेव आला गीत पर लोक संगीत प्रस्तुत किया गया. लावण्या कटरा नाम की लड़की ने ‘राधा गोरी-गोरी…बरसाने छोरी’ गाने पर डांस किया. अदासी की बालिकाओं ने गोंडी नृत्य प्रस्तुत किया. डा. अजय कुमार शर्मा ने जनता राजा शिवाजी महाराज पर गीत प्रस्तुत किया. पूनम पाटिल ने ‘वाट पहते मी गं, येणार साजन माझा’ नामक लावणी प्रस्तुत की. इसके बाद बालिकाओं ने गोंडी नृत्य प्रस्तुत किया. प्रस्तावना निवासी उपजिलाधीश भैयासाहेब बेहेरे ने रखी. सफलतार्थ जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे, जिला परिषद सूचना व शिक्षा विशेषज्ञ अतुल गजभिये और प्राकृतिक आपदा कार्यालय के संजय लाडे ने प्रयास किया. कार्यक्रम में नायब तहसीलदार प्रकाश तिवारी, सहायक अधीक्षक देवेंद्र पोरचेट्टीवार, सहायक सूचना अधिकारी कैलाश गजभिये और सामाजिक कार्यकर्ता रोहिणी रहांगडाले सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे. संचालन मंजूश्री देशपांडे ने किया व आभार तहसीलदार शमशेर पठान ने माना.
महागणेशोत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक को संरक्षित करने की पहल : जिलाधीश प्रजित नायर
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