रिश्वतखोर सहायक अधीक्षक को 1 लाख रु. की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगेहाथ पकड़ा

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नागपुर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की कार्रवाई
गोंदिया. चिचगढ़ ग्रामीण अस्पताल के सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन, छुट्टी व अन्य कार्यों के लिए 1 लाख 50 हजार रु. की रिश्वत मांगने वाले सहायक अधीक्षक को नागपुर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की टीम ने 19 सितंबर को रंगेहाथ पकड़ा. रिश्वत मांगने वाले आरोपी का नाम सहायक अधीक्षक (श्रेणी 3) मनोज बाबुलाल जांभुलकर (57) बताया गया है. यह कार्रवाई ग्रामीण अस्पताल चिचगड़ में की गई.
शिकायतकर्ता एक सेवानिवृत्त कर्मचारी है और आरोपी सहायक अधीक्षक ने उसे पेंशन, छुट्टी और अन्य कार्यों के लिए 1 लाख 50 हजार रु. की रिश्वत मांगी थी. शिकायतकर्ता ने इस संबंध में नागपुर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में शिकायत दर्ज कराई. प्राप्त शिकायत के आधार पर 13 सितंबर को सत्यापन किया गया. रिश्वतखोर सहायक अधीक्षक मनोज बाबूलाल जांभुलकर (57) ने 1 लाख रु. की रिश्वत लेने के लिए अपनी तत्परता दिखाई थी. इस पर 19 सितंबर को उसने रिश्वत के पैसे की मांग की और ग्रामीण अस्पताल चिचगढ़ में शिकायतकर्ता से रिश्वत के पैसे स्वीकार किए. शिकायतकर्ता की शिकायतों के आधार पर रिश्वतखोर को जांल में फंसा कर रंगेहाथ पकड़ा गया. एसीबी टीम ने 20 सितंबर को रिश्वतखोर सहायक अधीक्षक मनोज जांभुलकर के खिलाफ चिचगढ़ थाने में मामला दर्ज किया है. साथ ही रिश्वतखोर कर्मचारी का मोबाइल फोन जब्त कर घर की तलाशी ली जा रही है. यह कार्रवाई नागपुर एसीबी की पुलिस उपअधीक्षक शुभांगी वानखडे, पुलिस निरीक्षक वैशाली आठवले, हवलदार अस्मिता मल्लेलवार, वंदना नागराले, अनिल बहिरे, सिपाही अमोल मेंगेरे, विजय सोलंके ने की है.

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