रेलवे ठेकेदार की जेसीबी-टिप्पर जब्त, एसडीओ ने की कार्रवाई 

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गोंदिया. रेलवे पुल के लिए आवश्यक मुरूम के अवैध उत्खनन के मामले में सोमवार को उपविभागीय अधिकारी वरुणकुमार शहारे ने रेलवे ठेकेदार की जेसीबी क्र. एमएच 40 – बीजे 8676 और टिप्पर क्र. एमएच 35 – एजे 1685 को जब्त कर तहसील कार्यालय में जमा कर दिया. इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? यह देखना होगा.

जानकारी के अनुसार शहर के संविधान चौक और बिरसामुंडा चौक के बीच रेलवे लाइन पर पुल का निर्माण एक साल से चल रहा है. उक्त कार्य का ठेका सौंदड़ निवासी ठेकेदार के पास है. पुल के लिए बड़ी मात्रा में मुरुम की आवश्यकता थी, इसलिए ठेकेदार ने पुल के पास अवैध मुरुम खनन का सहारा लिया, जिससे सरकार को लाखों रु. का चूना लगा. गोंदिया-बल्लारशा रेलवे लाइन पर निर्माण कार्य चल रहा है. गट क्र. 288 झुडपी वन का हिस्सा है. इसी गट में सरकारी छात्रावास से 25 फीट की दूरी पर रेलवे लाइन है. इस बीच ठेकेदार ने सरकार की नजरों में धूल झोंक कर बिना परमिट के ही मुरुम खोद दी. उल्लेखनीय है कि राजस्व विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, जबकि यह काम कई महीनों से चल रहा है. इस मामले की गुप्त सूचना मिलने पर मंडल अधिकारी अंबादे और पटवारी झलके अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी उपविभागीय अधिकारी शहारे और नायब तहसीलदार कावले को दी गई. उपविभागीय अधिकारी ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया तथा जेसीबी व टिप्पर को जब्त कर तहसील कार्यालय में जमा करा दिया. इस मामले में उपविभागीय अधिकारी द्वारा ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, इस ओर नागरिकों की नजर टीकी हुई है.

सरकार को लाखों रु. का नुकसान
जांच के दौरान 20 फीट लंबे, 104 फीट चौड़े तथा 4 फीट की औसत गहराई वाले लगभग एक हजार ब्रास मुरुम खुदाई का अनुमान है. ठेकेदार सरकारी राजस्व का नुकसान कर नीडर बन रहे हैं.

सुरक्षा दीवार व रेलवे को नुकसान?
रेलवे पटरियों और छात्रावास की सुरक्षा दीवार के समीप खुदाई की गई. इससे भविष्य में दोनों को नुकसान पहुंचने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. राजस्व विभाग को इस भ्रष्ट ठेकेदार को अच्छा सबक सिखाने की जरूरत है.

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