गोंदिया. नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर स्थित शासकीय तकनीकी माध्यमिक विद्यालय में बारिश के पानी की निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 28 लाख रु. की लागत से नालियों और दीवार कांक्रीट का काम कराया गया था. लेकिन हकीकत में इस बारिश ने इस काम की पोल खोलकर रख दी है. इस मानसून में स्कूल परिसर में पहले से भी ज्यादा पानी जमा होने लगा है. सिर्फ दो दिनों की बारिश में ही इलाका जलमग्न हो गया है और अगर कुछ दिन और लगातार बारिश होती रही तो पानी सीधे इमारत में घुसने का डर है. स्कूल की शिक्षण सामग्री के भी इस पानी में बह जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
यह काम 2023 में किया गया और उससे पहले ही इस संबंध में कार्यकारी अभियंता से शिकायत की गई थी. लेकिन, स्थानीय नागरिकों ने उन पर इसे नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है. राज्य के मुख्यमंत्री कहते हैं कि हमारी सरकार के काम में दूरदर्शिता और पारदर्शिता है. लेकिन क्या यही पारदर्शिता है? स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश विश्वनाथ ठाकरे ने इस तरह का रोष व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इस कथित फर्जी काम के लिए कौन जिम्मेदार है?, 28 लाख रु. की निधि आखिर कहां खर्च की गई? ये सवाल आज उठ रहे हैं. स्थानीय प्रशासन इस पर गंभीरता से ध्यान दे और तुरंत जांच शुरू करे, ऐसी मांग सुरेश ठाकरे व स्थानीय नागरिकों ने की है.
28 लाख रु. नालियों पर खर्च, फिर भी गोविंदपुर स्थित शासकीय तकनीकी स्कूल में जलजमाव
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