विभिन्न स्वस्थ योग मुद्राएं करके अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मानाया
गोंदिया. योग यह भारत द्वारा दिया गया अमूल्य उपहार है. मानव जीवन में स्वस्थ, संतुलित व सुखी जीवन जीने के लिए योग अत्यंत महत्वपूर्ण है. ऐसा प्रतिपादन जिलाधीश मंगेश गोंदावले ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में किया. इस अवसर पर नगराध्यक्ष सचिन शेंडे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, नप मुख्याधिकारी संदीप बोरकर, धावक मुन्नालाल यादव उपस्थित थे.

जिलाधीश गोंदावले ने कहा, गोंदिया जिले को सुंदर, स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए जिले में बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाएंगे. स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा नशा निवारण, योगाभ्यास तथा अन्य ऐसी गतिविधियां क्रियान्वित की जाएंगी. उन्होंने जिले के नागरिकों से उक्त पहल के सफल क्रियान्वयन में योगदान देने की अपील की है. इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि सभी को नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ व संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए. इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की अवधारणा “स्वस्थ बुढापे के लिए योग” है और शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए योग के महत्व पर प्रकाश डाला जा रहा है. नियमित योगाभ्यास तनाव प्रबंधन, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने, मानसिक स्थिरता, एकाग्रता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षा में मदद करता है. उन्होंने कहा कि आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में योग का महत्व अद्वितीय है.
इस अवसर पर डा.नागेश गौतम ने ग्रीवा संचालन, कटि संचालन, स्कंद संचालन, घुटना संचालन के साथ ही योग में ताड़ासन, वृक्षासन, अर्ध चक्रासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, दंडासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशांकासन, वक्रासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतु बंदासन, उत्तान पादासन, अर्ध हलासन, पवन मुक्तासन, शवासन के साथ-साथ प्राणायाम, कपाल भाति, शीतली, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, ध्यान (प्रणव) आदि योग का प्रदर्शन उपस्थित लोगों से कराया. इस कार्यक्रम में नगर योग उत्सव समिति गोंदिया, अखिल विश्व गायत्री परिवार, आरोग्य भारती, आर्ट ऑफ लिविंग, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी, ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दिव्य योग फाउंडेशन, पतंजलि योग समिति, रामकृष्ण सत्संग मंडल, श्री रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, योग मित्र मंडल और बलवान योग जैसी योग शाखाएं शामिल थीं. इस अवसर पर सामूहिक रूप से गोंदिया जिले को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लेते हुए “नशमुक्त भारत प्रतिज्ञा” ली गई. इस मौके पर नशा मुक्त भारत के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया. संचालन डा. नागेश गौतम ने किया व आभार डा. प्रशांत कटरे ने माना.



