गोंदिया. जिले में बढ़ते तापमान के साथ “नौतपा” काल शुरू हो गया है और नागरिकों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ऐसी अपील जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार ने की है. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग गोंदिया की ओर से उष्माघात रोकथाम के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उष्माघात कक्ष चालू कर दिए गए हैं.
डा. गोल्हार ने कहा, ”नौतपा” लगातार नौ दिनों तक चलने वाली अत्यधिक गर्मी की अवधि मानी जाती है. इस अवधि में सूर्य की तीव्रता बढ़ने के कारण वातावरण का तापमान बहुत अधिक होता है. इससे उष्माघात, डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, मलमल जैसी शिकायतें बढ़ने की संभावना है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिकों को गर्मी में पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है. प्यास का इंतजार किए बिना नियमित रूप से पानी पिएं. नींबू पानी, छाछ, ओआरएस, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें. हल्के रंग, ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए. बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, तौलिया या छाता का प्रयोग करना चाहिए. जहां तक संभव हो दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें. यदि कोई जरूरी काम हो तो छाया में रुककर यात्रा करनी चाहिए. धूप में खड़े वाहन में बच्चों या बुजुर्गों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. भारी व्यायाम या श्रम से बचने का भी आव्हान किया गया है. डा. गोल्हार ने आगे कहा, उष्माघात के लक्षण दिखने पर तुरंत व्यक्ति को ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं, पानी दें और शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें. यदि व्यक्ति बेहोश हो जाए या गंभीर स्थिति में हो तो तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें या इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराएं.
अस्पतालों में उष्माघात कक्ष शुरू
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल और जिला सामान्य अस्पताल में उष्माघात कक्ष शुरू किए गए हैं और आवश्यक दवाएं, ओआरएस, पीने का पानी और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से गांव-गांव तक जन जागरूकता फैलाई जा रही है.






