गोंदिया. जिले में बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अन्याय को रोकने के लिए सभी संबंधित यंत्रणाएं संवेदनशीलता और समन्वय से कार्रवाई करें. ऐसे निर्देश जिलाधीश प्रजित नायर ने जिलाधीश कार्यालय के सभागृह में महिला व बाल विकास विभाग की मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में दिए. बैठक में जिला महिला व बाल विकास अधिकारी रेशमा मोरे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबडे, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष खोब्रागडे, संरक्षण अधिकारी टेंभुर्णे और अन्य विभागीय कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे.
जिलाधीश नायर ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध, अवैध गोद लेने के मामले, बाल विवाह जैसे मामले होने पर ऐसे अवैध मामलों में सहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उन पर अंकुश लगाया जा सके. बैठक में नायर ने कहा कि बाल विवाह एक अवांछनीय प्रथा है और इसकी जड़ें समाज में गहराई तक जमी हुई हैं. यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. बाल विवाह को रोकना और समाज में इसके प्रति जागरूकता पैदा करना प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है.
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 संकटग्रस्त बच्चों की जानकारी देने के लिए एक टोल-फ्री नंबर है. इस नंबर पर सूचना देकर बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जा सकता है. सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है. जिलाधीश ने नागरिकों से अपील की है कि वे आगे आकर टोल-फ्री नंबर पर बाल श्रमिकों की जानकारी दें. स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी डॉक्टरों और नर्सों को पोक्सो अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया है. समीक्षा बैठक के दौरान, उपस्थित अधिकारियों ने बाल विवाह रोकने के साथ-साथ बाल विवाह मुक्त महाराष्ट्र आपला संकल्प अभियान के तहत बाल विवाह रोकने की शपथ ली. बाल विवाह मुक्त महाराष्ट्र अभियान 15 अक्टूबर 2025 से 26 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के प्रत्येक गांव और शहर में चलाया जा रहा है. महिला व बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इस अभियान के लिए 100 दिवसीय कार्य कार्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए हैं. जिला बाल संरक्षण प्रकोष्ठ के भागवत सूर्यवंशी ने शपथ दिलाई. बैठक में बाल कल्याण समिति सदस्य जयश्री कापगते, अलका बोकड़े, वर्षा हलमारे, अधीक्षक अंबाडारे, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य दुबे, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, बाल विवाह मुक्त भारत मिशन के परियोजना समन्वयक ज्ञानेश्वर पटले, जिला बाल संरक्षण प्रकोष्ठ मुकेश पटले, संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत) धर्मेंद्र भेलावे, मनीषा मोहुले, मनीषा चौधरी, आशीष पुंडे, चाइल्ड हेल्पलाइन की पूजा डोंगरे, आरती ठाकरे, आनंद रामटेके, अजय खोब्रागड़े, राजेश खोब्रागड़े उपस्थित थे.






