गोंदिया. सड़क अर्जुनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत शेंडा सहवन क्षेत्र के नियत क्षेत्र सहाकेपार पुतली में 18 सितंबर को रात 9.30 बजे आसपास जंगल में अवैध रूप से सागौन के पेड़ को काटकर चुरा लिया. वन विभाग ने गुप्त जानकारी के आधार पर 20 सितंबर को सागौन का पेड़ चुरानेवाले आरोपियों को धरदबोचा है.
जानकारी के अनुसार वन विभाग ने सागौन का पेड़ चोरी होने की गुप्त जानकारी मिलते ही दो दल बनाए. एक दल ने पुतली गांव से शेंडा की ओर दोपहिया वाहन से जानेवाले संदिग्ध के बारे में दूसरे दल को बताया. जिसके बाद प्रधानटोला की ओर जानेवाला दूसरा दल पुतली की ओर पहुंचा. पुतली नाले के पास एक संदिग्ध को वाहन सहित रोका गया. जिससे से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मोहघाटा निवासी दयावान संजय वरखड़े बताया. उसने बताया कि पुरुषोत्तम गिरधारी भेंडारकर, विजय सुकराम परतेकी एवं एक अन्य को अपनी दोपहिया वाहन से जंगल में लकड़ी काटने के लिए छोड़ा एवं मुझे वन विभाग के कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए पुतली गांव के बाहर खड़ा रहने को कहा. आरोपी के बताए अनुसार सड़क के किनारे टॉर्च की सहायता से देखा गया तो तीनों व्यक्ति छिपकर बैठे नजर आए. जिसके बाद तीनों आरोपियों को पकड़ा गया और उन्होंने अपना नाम पुरुषोत्तम गिरधारी भेंडारकर, प्रदीप अभिमन्यु मरस्कोल्हे,
विजय सुखराम परतेकी बताया. इस मामले में एक आरोपी फरार बताया गया है. वन विभाग की टीम ने परिसर का जायजा लिया तो 50 मीटर की दूरी पर सागौन के दो ठूंठ व सागौन का आधा पेड़ कटा हुआ नजर आया.
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई सड़क अर्जुनी वन परिक्षेत्र अधिकारी मिथुन
तरोणे, क्षेत्र सहायक वी.बी. रहिले, यू.पी. रहांगडाले, वी.आर. ब्राम्हणकर, एस.डी. मेंढे, एस.एस. हटवार, वी.एन. काइट, समीर बंसोड़, विपुल शहारे, किशोर बडवाईक ने की. आरोपियों को 20 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 सितंबर तक वन कस्टडी में रखने का आदेश सुनाया गया.
सागौन की तस्करी, तीन अरेस्ट, एक फरार
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