गोंदिया. यहां के सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र सदाशिव केसकर को भ्रष्टाचार के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक सरकारी आदेश जारी किया है.
जानकारी के अनुसार, सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी केसकर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) नागपुर की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है. उनके खिलाफ 5 दिसंबर 2025 को गोंदिया ग्रामीण थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में केसकर को गिरफ्तार भी किया गया था और उक्त अपराध की जांच अभी भी जारी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र नागरी सेवा (अनुशासन और अपील) नियम 1979 के नियम 4 के तहत उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया गया है. सरकारी आदेश के अनुसार, केसकर को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार निर्वाह भत्ता और महंगाई भत्ता दिया जाएगा. साथ ही निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मुंबई में परिवहन आयुक्त कार्यालय तय किया गया है. वे परिवहन आयुक्त की पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकते, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. इस बीच यह आदेश 29 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है और सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है. इस कार्रवाई से परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का सख्त रुख एक बार फिर साफ हो गया है.



